indian flagसमाज सेवक एवम वरिष्ठ पत्रकार नागमणि पाण्डेय जी ने भारत के  राष्ट्रपति,   प्रधानमंत्री, और महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है की आवाहन कर जनजागृति लाया जाए प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज का अपमान नही करने और राष्ट्र्धवज का सम्मान करने संबंधी आवाहन किया जाए

प्रति वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते है | और यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हर वर्ष  26 जनवरी एक ऐसा दिन है जब प्रत्‍येक भारतीय के मन में देश भक्ति की लहर और मातृभूमि के प्रति अपार स्‍नेह भर उठता है। ऐसी अनेक महत्त्वपूर्ण स्‍मृतियां हैं जो इस दिन के साथ जुड़ी हुई है। 26 जनवरी,1950  को देश का संविधान लागू हुआ और इस प्रकार यह सरकार के संसदीय रूप के साथ एक संप्रभुताशाली समाजवादी लोक‍तांत्रिक गणतंत्र के रूप में भारत देश सामने आया। भारतीय संविधान  , जिसे देश की सरकार की रूपरेखा का प्रतिनिधित्‍व करने वाले पर्याप्‍त विचार विमर्श के बाद विधान मंडल द्वारा अपनाया गया, तब से 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में भारी उत्‍साह के साथ मनाया जाता है यह आयोजन हमें देश के सभी शहीदों के नि:स्‍वार्थ बलिदान की याद दिलाता है, जिन्‍होंने आज़ादी के संघर्ष में अपने जीवन बलिदान कर दिए और विदेशी आक्रमणों के विरुद्ध अनेक लड़ाइयाँ जीती।

महोदय कुछ लोगो द्वारा इस दिन कुछ लोगो द्वारा इस दिन को व्यवसायीक रूप में देखा जाता है इस दिन कम समय पर अधिक पैसा कमाने की लालच में प्लास्टिक के तिरंगे झंडे बनाकर बेचा जाता है | यह तिरंगा दिखने में सुंदर होने के कारण भोले भाली जनता इस की शिकार होकर प्लास्टिक के तिरंगे खरीदते है उसे अपने घर , कार्यालय , जेब पर या गाडी पर लगाते है लेकिन उन्हें यह नही पत्ता होता की यह प्लास्टिक के तिरंगे हमारे भारत देश की शान तिरंगे का अपमान होता है | महोदय यही नही शाम होते होते कई जगह तो सड़को किनारे तिरंगा गिरा हुआ पाया जाता है | जो बहुत ही दुःख की बात है |

अतः महोदय आप से निवेदन है की सभी विभागों के कर्मचारियों , नागरिको , स्कुलो , अर्ध सरकारी कार्यालयों , कंपनियों , कोर्पोरेट कंपनियों से आवाहन कर जनजागृति लाया जाए |

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